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रूस-यूक्रेन युद्ध में उतरा ‘नया दुश्मन’, ठंड में कैसे लड़ेगी कीव की सेना, टेंशन में जेलेंस्की

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रूस-यूक्रेन युद्ध में उतरा ‘नया दुश्मन’, ठंड में कैसे लड़ेगी कीव की सेना, टेंशन में जेलेंस्की

सेना///Kyiv :

रूस और यूक्रेन का युद्ध पिछले दो वर्षों से चल रहा है। ठंड आने के साथ ही यह युद्ध अब और भी मुश्किल होता जा रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चिंता जताई है कि इजरायल-हमास युद्ध का असर रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी पड़ सकता है। पश्चिमी देशों से मिलने वाली सैन्य सहायता प्रभावित हो सकती है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि सर्दियों की शुरुआत हो गई है और इस मौसम में युद्ध के और जटिल होने के अनुमान के साथ ही यह एक प्रकार से नए चरण में है। जेलेंस्की ने साथ ही कहा कि यूक्रेन हार नहीं मानेगा। उन्होंने पूर्वोत्तर यूक्रेन के खारकीव में कहा, ‘यह युद्ध का नया चरण है। अगर देखा जाए तो सर्दी अपने आप में ही युद्ध का नया चरण है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या अभी तक जवाबी कार्रवाई में अपेक्षित परिणाम मिल पाए हैं, जेलेंस्की ने काफी जटिल उत्तर दिया।
हम हार नहीं मानेंगे, हमें हथियार नहीं मिले
उन्होंने कहा, ‘देखिए हम हार नहीं मानेंगे। मैं संतुष्ट हूं। हम दुनिया की दूसरी (सर्वश्रेष्ठ) सेना के साथ लड़ रहे हैं।’ उनका इशारा रूस की सेना की ओर था। जेलेंस्की ने कहा, ‘हम लोगों को खो रहे हैं। इस बात से मैं संतुष्ट नहीं हूं। हमें वे सारे हथियार नहीं मिले जो हम चाहते थे, इसलिए मैं संतुष्ट नहीं हो सकता लेकिन मैं ज्यादा शिकायत भी नहीं कर सकता।’ उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि इजराइल-हमास युद्ध का असर यूक्रेन संघर्ष पर भी पड़ सकता है तथा प्रतिस्पर्धी राजनीतिक एजेंडे और सीमित संसाधनों के कारण कीव को पश्चिमी देशों से मिलने वाली सैन्य सहायता प्रभावित हो सकती है।
यूक्रेन को मिलती रही है लाखों डॉलर की मदद
रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद यूक्रेन को अपना बचाव करने तथा जवाबी कार्रवाई के लिए लाखों डॉलर और हथियारों के रूप में पश्चिमी सैन्य सहायता प्रदान की गई है लेकिन लंबे वक्त से जारी संघर्ष का अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। यूक्रेन के अधिकारियों को इस बात की चिंता है कि आगे भी ऐसी ही मदद मिल पाएगी या नहीं। यूक्रेन के पास गोला-बारूद का भंडार कम होता जा रहा है, जिससे यूक्रेनी युद्ध की धार कुंद होने का खतरा है। ठंड शुरू होने से सैन्य नेतृत्व को नयी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि इन चुनौतियों का सामना वे पूर्व में भी कर चुके हैं। हाड़ जमा देने वाली ठंड और बंजर मैदान सैनिकों के काम को और भी जटिल बना देते हैं। इसके अलावा रूस की ओर से शहरों को निशाना बनाकर हवाई हमले तेज किए जाने का खतरा है।
‘जो हमारा, उसके लिए लड़ रहे’
मॉस्को ने 25 नवंबर को अपना सबसे व्यापक ड्रोन हमला शुरू किया जिसमें ईरान निर्मित 75 ड्रोन ने कीव को निशाना बनाया था। जेलेंस्की ने कहा, ‘इसीलिए ठंड में युद्ध मुश्किल है।’ उन्होंने गर्मी के मौसम में जवाबी कार्रवाई को लेकर भी आपनी राय दी। जेलेंस्की ने कहा, ‘हम जल्द परिणाम चाहते हैं। उस लिहाज से दुर्भाग्य से हमें अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं।’ उन्होंने कहा कि यूक्रेन को सहयोगियों से सभी आवश्यक हथियार नहीं मिले और उसके सीमित सैन्य बल के कारण लड़ाई तेज नहीं हो पाई। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, ‘अपेक्षित परिणाम तेजी से पाने के लिए पर्याप्त ताकत नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार मान लें या आत्मसमर्पण कर दें। हम उसके लिए लड़ रहे हैं जो हमारा है।’
हमने हर तरह की मदद दी: अमेरिका
वहीं, अमेरिका में व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सैन्य सहायता के बारे में जेलेंस्की की टिप्पणियों पर कहा कि अमेरिका ने ‘अभूतपूर्व’ सहयोग प्रदान किया है। किर्बी ने कहा, ‘मैं यकीनन राष्ट्रपति जेलेंस्की के इस अनुमान पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा कि उन्हें वो सफलता नहीं मिली जो वो हासिल करना चाहते थे। लेकिन मैं आपको यह यकीन दिलाता हूं कि अमेरिका ने वो सबकुछ किया जो हम कर सकते थे।’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन और अधिक सहायता देना चाहता है लेकिन कांग्रेस में रिपब्लिकन प्रतिनिधियों के विरोध का उसे सामना करना पड़ रहा है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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